डॉ. शशि मंगल
संस्थापक प्रेरणा
डॉ. शशि मंगल मंगल मानव भारती ट्रस्ट की प्रमुख दूरदर्शी और संस्थापक प्रेरणा हैं। एक न्यायपूर्ण और शिक्षित समाज के लिए उनके दशकों के निरंतर प्रयास ने इस संस्था के निर्माण की सटीक नींव रची है।
प्रारंभिक जीवन और प्रेरणा
डॉ. शशि मंगल ने अपना प्रारंभिक जीवन सामाजिक कार्यों और शिक्षा के अवलोकन में बिताया। उनकी व्यक्तिगत प्रेरणा सदैव उन लोगों तक ज्ञान और सशक्तिकरण पहुंचाना रही है, जो मुख्यधारा से वंचित रहे हैं। उनकी दृष्टि में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान नहीं, बल्कि समाज शोषित वर्गों के जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला एक सशक्त माध्यम है।
1990 के दशक से सामाजिक कार्य
1990 के दशक से ही डॉ. मंगल ने समाज के उत्थान के लिए विभिन्न जमीनी पहलों का नेतृत्व किया है। महिला सशक्तिकरण, स्थानीय शिक्षा अभियानों और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय भागीदारी रही। उन्होंने बिना किसी दिखावे या लाभ के, केवल जन-कल्याण की भावना से दशकों तक जमीनी स्तर पर कार्य किया है।
शिक्षा और समाज के लिए दृष्टिकोण
उनका स्पष्ट दृष्टिकोण है कि एक स्वस्थ समाज तभी बन सकता है जब शिक्षा और ज्ञान तक सबकी समान पहुँच हो। डॉ. मंगल का लक्ष्य है कि ऐसे ज्ञान केंद्रों और संसाधनों का निर्माण किया जाए, जहाँ जाति, धर्म, भाषा या आर्थिक स्थिति के आधार पर किसी से भेदभाव न हो। वह डिजिटल साक्षरता और वैचारिक आदान-प्रदान को समाज की बौद्धिक मजबूती के लिए अनिवार्य मानती हैं।
ट्रस्ट की स्थापना में भूमिका
संस्थापक प्रेरणा के रूप में, डॉ. शशि मंगल ने ट्रस्ट के मूल आदर्शों और लोक-कल्याणकारी लक्ष्यों को परिभाषित किया है। यह उन्हीं का दृष्टिकोण था जिसने मंगल मानव भारती ट्रस्ट को केवल एक प्रशासनिक इकाई से हटाकर, वास्तविक लोक सेवा और बौद्धिक विकास के एक मजबूत केंद्र के रूप में आकार दिया।